प्रधानमंत्री आवास योजना से श्योपुर जिल के हजारों लोगों को पक्की छत उपलब्ध हुई है, घास फूस और कच्ची पाटोर के घरों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए पीएम आवास योजना वरदान साबित हुई है। पक्के घर बनने से उनके जीवन में कई बदलाव भी आये है, रहन-सहन के स्तर में सुधार हुआ है और बारिश, सर्दी, गर्मी के मौसम में रहवास की अनुकूलता उपलब्ध हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने जिले के कई ग्रामीण परिवारों को खुशियां प्रदान करने का कार्य किया है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के नेतृत्व में पीएम आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को सतत् रूप से आवास प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री आवास एवं पीएम जनमन योजना के तहत 67 हजार से अधिक परिवारों को पक्के घर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
खास बातें
- कच्चा मकान होने से जहरीले जीव-जन्तुओ के काटने का खतरा भी हमेशा बना रहता था, आमदनी इतनी नही थी कि वह अपने परिवार के लिए पक्का घर बना सकें।
- कठिनाईयों के साथ जीवन यापन कर रहे, श्री घंसू आदिवासी को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बडा सहारा मिला।
- किस्त के अलावा मनरेगा से 18 हजार 469 रूपये मजदूरी करने के अलग से मिले, जो उसने रंग-रोगन और मकान की साज-सज्जा पर खर्च कर मकान को आर्कषक बनाने का कार्य किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 48 हजार 860 हितग्राही अभी तक लाभान्वित हो चुके है, बदलाव का यह दौर निरंतर जारी है।
श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम बगदिया का एक ऐसा ही आदिवासी परिवार है, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ मिला है, हितग्राही श्री घंसू आदिवासी पुत्र श्री मथुरा आदिवासी पक्के मकान की सौगात से काफी प्रंसन्न है।
पहले पत्थर की पाटोर और मिट्टी की दीवारो से बनी छोटी सी झोपडी में परिवार सहित रह रहे घंसू को वर्षाकाल में काफी कठिनाईयों का सामना करना पडता था, कच्ची छत को बारिश से टपकने के लिए बचाने में पाल-पन्नी खरीदने पर अलग से पैसे खर्च करने पडते थे।
कच्चा मकान होने से जहरीले जीव-जन्तुओ के काटने का खतरा भी हमेशा बना रहता था, आमदनी इतनी नही थी कि वह अपने परिवार के लिए पक्का घर बना सकें। कठिनाईयों के साथ जीवन यापन कर रहे, श्री घंसू आदिवासी को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बडा सहारा मिला।
योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्के घर का लाभ दिये जाने की शासन की मंशा के अनुरूप घंसू आदिवासी को भी घर बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रूपये की राशि तीन किस्तो में मिली, जिससे उसने अपने परिवार के लिए साफ-सुथरा पक्का आवास बना लिया।
किस्त के अलावा मनरेगा से 18 हजार 469 रूपये मजदूरी करने के अलग से मिले, जो उसने रंग-रोगन और मकान की साज-सज्जा पर खर्च कर मकान को आर्कषक बनाने का कार्य किया। अब वह अपनी पत्नि, बच्चों के साथ पक्के मकान में रहकर आनंदपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा है।
श्री घंसू आदिवासी का पक्के मकान का सपना पूरा होने पर वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहते है कि हम जैसे हजारों परिवारों को पक्के मकान में रहने का लाभ इस योजना के तहत मिला है।


