केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल के भेल दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ एवं ‘पीएम ई-बस सेवा’ के अंतर्गत सार्वजनिक यात्री बस सेवाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले चरण मे आज प्रदेश के सात शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बस सेवाओं का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बस में यात्रा भी की।
नई परिवहन सेवाओं का उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
खास बातें
- नई परिवहन सेवाओं का उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
- श्री गडकरी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर 10 हजार बसों के संचालन की योजना है।
- लगभग 57 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना में केंद्र सरकार का योगदान लगभग 20 हजार करोड़ रुपये रहेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश सरकार को इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवाएं आमजन, विशेषकर कम आय वर्ग के लोगों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवागमन का माध्यम बनेंगी। इससे नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और परिवहन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
श्री गडकरी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर 10 हजार बसों के संचालन की योजना है। लगभग 57 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना में केंद्र सरकार का योगदान लगभग 20 हजार करोड़ रुपये रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने के साथ लगभग 45 हजार से 55 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी समीक्षा
कार्यक्रम से पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं संबंधित अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं और भविष्य की सड़क विस्तार योजनाओं की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना का डिजाइन तकनीकी मानकों और सड़क सुरक्षा की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। भूमि अधिग्रहण एवं वन स्वीकृति से संबंधित मामलों में राज्य और केंद्र के अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें तथा स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं का संवाद एवं समन्वय से समाधान किया जाए, ताकि परियोजनाओं के पूर्ण होने में अनावश्यक विलंब न हो।
सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत सड़क परियोजनाओं में तेजी के निर्देश
श्री गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के बटेश्वर से विशेष संबंध का उल्लेख करते हुए अटल एक्सप्रेस-वे को बटेश्वर से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाली सभी सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण करने पर जोर दिया।
जबलपुर के शहपुरा आरओबी के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन को देखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की नागपुर, जबलपुर और रायपुर से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बालाघाट जिले में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
बैठक में देवास जिले में संदलपुर-नसरुल्लागंज बाईपास, उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन, सतना-चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तथा लौनी-बुरहानपुर लिंक सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्रीगण, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखवीर सिंह सहित राज्य सरकार, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




