नागपुर शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 353डी पर लगभग 8.9 किलोमीटर तक फैले इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर का आज केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस फ्लाईओवर के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) तकनीक से किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि यूएचपीएफआरसी तकनीक के उपयोग से संरचनात्मक खंडों के एक ही जोड़े का उपयोग करके दो लगातार पिलर के बीच लंबे स्पैन का निर्माण संभव हो सका, जिससे आवश्यक सपोर्ट की संख्या कम हो गई और फ्लाईओवर का निर्माण तेजी से हो सका।
खास बातें
- जंक्शन पर अशोक स्तंभ स्थापित किया गया है, साथ ही संविधान से संबंधित भित्ति चित्र और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था भी की गई है।
- डागा अस्पताल, रेशिमबाग चौक और बड़ा ताजबाग में रैंप बनाए गए हैं।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में वर्तमान में 35 फ्लाईओवर हैं, जबकि 15 अन्य फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं।
श्री गडकरी ने कहा कि इंडोरा और दिघोरी के बीच की यात्रा, जिसमें पहले सड़क मार्ग से लगभग 1 घंटे का समय लगता था, अब नए फ्लाईओवर के निर्माण से मात्र 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। इस फ्लाईओवर का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री गडकरी ने जानकारी दी कि यह फ्लाईओवर अशोक स्क्वायर पर पांचों दिशाओं को जोड़ता है। जंक्शन पर अशोक स्तंभ स्थापित किया गया है, साथ ही संविधान से संबंधित भित्ति चित्र और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फ्लाईओवर कॉरिडोर के निर्माण से मौजूदा सड़कों के नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
डागा अस्पताल, रेशिमबाग चौक और बड़ा ताजबाग में रैंप बनाए गए हैं। उम्मीद है कि इन सुविधाओं से गांधीबाग और पचपाओली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में यातायात जाम कम करने में मदद मिलेगी। अग्रसेन चौक पर मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर एक एलिवेटेड पैसेज बनाया गया है। श्री गडकरी ने कहा कि इससे नागपुर शहर में वर्धा रोड और कामठी रोड की तरह बहु-लेन यातायात की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इस फ्लाईओवर का नाम इसके संस्थापक सरसंघ चालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने फ्लाईओवर के उद्घाटन के बाद कविवर्य सुरेश भट सभागार में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि शहर में चल रही विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं से नागपुर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि नागपुर के चारों ओर 148 किलोमीटर लंबी गोल्डन आर्च रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे शहर के विस्तार में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में वर्तमान में 35 फ्लाईओवर हैं, जबकि 15 अन्य फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि ये अवसंरचनात्मक परियोजनाएं नागपुर को एक तेज और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहर के रूप में एकीकृत विकास में योगदान दे रही हैं।
श्री फडणवीस ने आगे कहा कि एक 'नया नागपुर' विकसित किया जा रहा है और निवेश केंद्र के रूप में एक व्यापारिक जिला बनाया जा रहा है। नए नागपुर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि यह क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
नागपुर के पालक मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस फ्लाईओवर से न केवल नागपुर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को फायदा होगा, बल्कि इससे नागपुर के ग्रामीण इलाकों, जिनमें हुडकेश्वर, नरसला, बेसा और पिपला शामिल हैं, की कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने अशोक स्तंभ और अशोक चौक पर स्थापित रोशनी का निरीक्षण किया।
कविवर्य सुरेश भट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों और परियोजना ठेकेदार, एनसीसी लिमिटेड (नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी) के प्रतिनिधियों को केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सम्मानित किया गया।
दक्षिण नागपुर के विधायक श्री मोहन माटे और मध्य नागपुर के विधायक श्री प्रवीण दत्के ने भी सभा को संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में स्थानीय जन प्रतिनिधि, नागपुर नगर निगम के पार्षद और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।




